लकडहारे की कहानी | lakadhare ki kahani

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लकडहारे की कहानी | lakadhare ki kahani

दोस्तों ज़िन्दगी में सफल होना है तो जो हमारा काम करने का तरीका है उसे सबसे पहेले बदलना होगा 

एक गाँव की बात है , वहां पर दो लकडहारे रहते थे , एक का नाम सोनू था , और एक का नाम मोनू , एक दिन किसी बात पे उन्दोने में झगड़ा होने लगा और बातों ही बातों में बहुत लम्बी बहेस छिड गयी , इस बात को लेकर की कोन हम दोनों में से जियादा लकड़ियाँ काटता है , और अगले ही दिन दोनों ने प्रतियोगीता करने का फैसला लिया.

दुसरे दिन सुबह दोनों लकडहारे अपनी अपनी कुल्हाड़ियाँ लेके जंगल में गए , और लकड़ियों कों काटने में जुट गए , शुरुआत में दोनों की रफ़्तार लकड़ियाँ काटने में एक सामान थी , कुछ समय ही बाद मोनू ने देखा की सोनू ने लकड़ियाँ काटना बंद करदीं हैं , ये मन ही मन खुश होगया और दुगनी महेनत से लकडियाँ काटने में जुट गया और मन ही मन सोचने लगा ये तो मेरे लिए बहुत सुन्हेरा मोका है जीतने का.

15 मिनट बाद मोनू ने देखा की सोनू ने फिरसे लकड़ियाँ काटना शुरू करदिया है , कुछ ही घंटे हुए थे की सोनू ने फिरसे लकड़ियाँ काटना बंद करदी थी , मोनू मन ही मन बहुत खुश होरहा था ये सोच कर अब तो मेरी ही जीत होगी ये सोच कर बिना रुके लकडियाँ काटता रहा. ऐसे ही लकडियाँ काटते हुए पुरे दिन बीत गए और यही क्रम दिन भर चलता रहा.

जब परिणाम का समय आया तब मोनू जिसने अपना काम बिना रुके हुए करता रहा वो मन ही मन गलत फहेमी पाल के बैठा था की जीत उसी की होगी , लेकिन वो गलत था ऐसा बिलकुल नहीं हुआ. क्यूँ की जीत तो सोनू की हुयी थे , मोनू ये देख कर बहुत ही दुख्दा में पड़ गया और आश्चर्य चकित रहे गया , की ये कैसे हो सकता है. वो सोनू के पास गया और उस से पूछा की तुम हर घंटे में 15 मिनट के लिए रुक जाते थे फिर भी तुमने मुझसे ज्यादा लकड़ियाँ कैसे कांटी ? ये नामुमकिन है.

सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा ये तो बहुत ही आसान था , मेरे कहेने का मतलब कुछ ज्यादा ही आसान था. हर घंटे में जब भी 15 मिनट के लिए रुकता था , और तुम उसी वक़्त लगातार लकड़ियाँ काटते थे , तब में अपनी कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगा रहेता था.

” किस पेड़ को काटने के लिए आप मुझे 6 घंटे दीजिये , और में 4 घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा.”

(अब्राहम लिंकन -Abraham lincoln) 

“मित्रों इस छोटी सी कहानी से हमें बहुत कुछ सिख मिलती है , वोह ये है की हमें कोई भी काम करने से पहेले हमें उस काम को सीधा शुरू नहीं करना चाहिए , बल्कि उसे हमें और आसान तरीके से करने के बारे में सोचना चाहिए. इसी तरह हमें कामयाब होने के लिए smart work भी बहुत जरुरी होता है.”

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