कृष्णकांत माने का जीवन परिचय | Krishnakant Mane Biography in Hindi

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Krishnakant Biography in Hindi : कृष्णकांत की जीवनी, दोस्तों आज हम जिस शख्स के बारे में बात करने जा रहे हैं , आप भी उनके बारे में जानकर कहेंगे की वह किया जिंदगी जीने का जज्बा है | अपनी सभी तकलीफों और मुश्किलों के बावजूद जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है , सिर्फ उम्मीद और आशा.

आईये जानते हैं की हम में से कितने ऐसे लोग होंगे जो इस जज्बे के साथ , इतने जिन्दा दिली के साथ अपनी जिंदगी जीते हैं | इस महान शख्स का नाम है Krishnakant Mane.

Krishnakant Mane – कृष्णकांत माने

Krishnakant Mane Biography in Hindi

कृष्णकांत माने (krishnakant Mane) बचपन से ही कुछ अलग थे कृष्णकांत माने , 3 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुचंते आँखों में कुछ तकलीफें होने लगी , धीरे-धीरे आँखों की रौशनी पूरी तरह चली गयी , लेकिन जिंदगी से इश्क कम नहीं हुआ मुश्किलें बहुत आई लेकिन इन सभी मुश्किलों का डट कर सामना किया.

शारीरिक कठिनाईयों से लड़ते हुए एक इंसान ने उम्मीद के पंख पहेन कर एक बेमिसाल उडान भरी है | कृष्णकांत माने (krishnakant Mane) बताते हैं की उनके  पिता रमेश माने (Ramesh Mane) और इनकी माता रागिनी माने (Ragini Mane) ने बचपन से ही उन्हें एक सामान्य बच्चे के रूप में विकसित करने के लिए उन्हें आग्रह किया है. कृष्णकांत बताते हैं की वह हमेशा सबसे सामान्य तरीके से ऊपर के रूप में हुयी.

Early Life and Education : प्रारंभिक जीवन और पढ़ाई

नेत्रहीन , शारीरिक कठिनाईयों , और ढेर सारी मुश्किलों के बावजूद इस संसार में कुछ महान हस्तियाँ हमारे देश में हैं , जो इन सारी मुश्किलातों का फूटबाल बनाकर उनसे Goal कर देती हैं | उन्ही में से एक हैं कृष्णकांत माने (krishnakant Mane) , नेत्रहीन होने के बावजूद जिन्होंने सभी मुश्किलों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी राखी ,  (King George High School) में इन्होने एडमिशन लिया | जो एक रेगुलर स्कूल थी , जहाँ पर सामान्य बच्चे भी पढ़ते थे , इस स्कूल का बाद में नाम Change कर के (V.M Sule High School) रख दिया गया  है इन्होने  यहाँ से अपनी 10th की पढ़ाई पूरी की , इसके बाद इन्होने Ruia College से अपनी 12th और ग्रेजुएशन (Graduation) पूरी की.

ग्रेजुएशन के बाद कृष्णकांत माने (krishnakant Mane)  ने सफलतापूर्वक डाटाप्रो से सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग में प्रोफेशनल डिप्लोमा पर एक तीन साल का पाठ्यक्रम पूरा किया | (Successfully Completed a three-year course on Professional Diploma in Software Engineering from Datapro.)

Career : व्यवसाय

यहाँ से अलग होगई कुछ खास बन्ने की तय्यारी कंप्यूटर (Computer) से गहेरी दोस्ती की और सॉफ्टवेर इंजिनियर (software engineer) बने आज (IIT) आई.आई.टी  में में बतोर प्रोजेक्ट लीडर (Project Leader) 20 लोगों की टीम (Team) का नित्र्व (देख रेख) करते हैं.

वर्तमान में कृष्णकांत माने होमी भाभा विज्ञानं सिछा केंद्र में एक प्रोजेक्ट फेलो (HBCSE) मुंबई में टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के DR. Nagarjuna के साथ प्रयोग शाला के रूप में काम कर रहे हैं | (HBCSE) शामिल होने से पहेले , कृष्णकांत माने विकलांग लोगों की सिछा के लिए , सभी के बीच तकनीकों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए भारत में कई राज्ये सरकारों के लिए एक सलाहकार के रूप में काम किये | इसके अलावा वह भी 2000 / 2005 में कई कई निजी कंपनियों और गैर सरकारी संगगठनों के लिए एक सलाहकार की गयी और उन्हें मुफ्त सॉफ्टवेर को विस्थापित करने में मदद मिली है.

Personal Life : व्यक्तिगत जीवन

कृष्णकांत माने  (krishnakant Mane) ने अपनी गर्ल फ्रेंड सायली माने (Sayli Mane) से 2007 में शादी रचाई | लोग कृष्णकांत माने (Krishnakant Mane) को प्यार से के. के (K.K) बुलाते हैं.

Krishnakant माने खली वक्त में कविताएँ और लेख लिखते हैं , मुश्किलों से लड़ने की इनकी पुराणी आदत है , इसीलिए मुश्किल पहाड़ों पर चड़ने का शोक भी रखते हैं | कृष्णकांत माने ने अपनी स्कूल लाइफ में कई Awards भी जीते हैं , इन्हें Best Student Awards से भी सम्मानित किया जाचुका है.

पिछले 12 सालों से कृष्णकांत माने अलग ढंग से विकलांग लोगों के हितों के उत्त्थान और बढावा देने के लिए अथक काम कर रहे हैं | मुख्य रूप से आशिंक और कई विकलांग लोगों के बीच ज्ञान के बारे में जागरूकता फेलाने के लिए काम करते रहें हैं | इसके अलावा अंधों के लिए सॉफ्टवेर विकास सहित सॉफ्टवेर समाधान पर काम करने से , वह ज्ञान प्रबंधन के लिए GNOWSYS पर काम कर रहें हैं.

कृष्णकांत माने (krishnakant Mane) Launching this New Distro for all Round Usage the tag says it all.

Mission : मिशन

एक सामाजिक इंजिनियर के रूप में , कृष्णकांत माने  (krishnakant Mane) खुले ज्ञान संसाधनों और मुफ्त सॉफ्टवेर आधारित प्रोद्योगिकीयों (Open Knowledge Resources and free Software Base Technologies) के इस्तिमाल के साथ देश के दूरदराज के हिस्सों में अलग ढंग से विकलांग लोगों तक पहुचनें के लिए करना चाहेते हैं |

लोग कृष्णकांत माने को आके अक्सर कहेते हैं ,यार टेक्नोलॉजी (Technology) तो तेरी आँखें बन गयी हैं , लेकिन कृष्णकांत कहेते हैं की टेक्नोलॉजी सिर्फ मेरी आँखें ही नहीं As Extension of Brain है | आज कृष्णकांत आत्म निर्भर हैं , इनकी छमता इनको एक अभूतपूर्व लेवल पर लेके गयी है, इसीलिए आज कृष्णकांत माने टेक्नोलॉजी (Technology) के एक अच्छे दोस्त बन गए हैं.

“खतरा तो हर चीज में है , खतरे की बात अगर जिंदगी में नहीं होती , तो हमारे यहाँ इन्शुरन्स (Insurance) Companies दुनिया में नहीं होती “

(krishnakant mane-कृष्णकांत माने)

निश्चय ही कृष्णकांत माने (Krishnakant Mane) भारतियों के लिए रोल मॉडल हैं , और ये आने वाले दिनों में हम सबके लिए प्रेरणा का काम करते रहेंगे.

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